अच्छी निद्रा

सोते समय मस्तक पूर्व दिशा में रखना चिंता मुक्त करता है। यह श्रमणों के लिए विशेष उपयोगी है।
श्रावकों के लिए दक्षिण में मस्तक रखने से अच्छा स्वास्थ्य बना रहता है। अधिक और कम निद्रा का भी निदान इससे मिलता है।
आवश्यकता अनुसार दोनों ही दिशाएं श्रमणों और श्रावकों के लिए उपयोगी हैं।
सोने से पहले निर्विकल्प होना आवश्यक है। दो घंटे पहले मोबाइल और टीवी बंद कर दें, हाथ पैर शुद्ध करके, सोने से पहले कम से कम 5 मिनट आत्मचिंतन, प्रतिक्रमण और प्रत्याख्यान करके सोएं।

मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान – 4 मार्च)

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One Response

  1. अछी निद़ा का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए अछी निद़ा का उपयोग करना परम आवश्यक है।

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