जोड़ना/छोड़ना
चक्रवर्ती यदि सम्पदा छोड़े (दीक्षा लेकर) नहीं तो नरक जाता है। देवताओं पर तो अपार सम्पदा, छोड़ते नहीं, वे क्यों नहीं नरक जाते?
जो जोड़ता है, उसे छोड़ना आवश्यक (क्योंकि जोड़ने में महान पाप अर्जन)। देवता जोड़ते नहीं, इसलिये छोड़ना आवश्यक नहीं।
हम भी जितनी तत्परता से जोडें, उतनी ही उदारता से छोड़ें।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी




2 Responses
जोंड़ना/छोड़ना का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु जोड़ने की जगह छोड़ना परम आवश्यकता है। अतः जैन धर्म के अनुसार परिग्रह से बचना परम आवश्यक है।
Bahut hi sundar aur relevant post hai ! Namostu Gurudev !