1) ‘पाँचों ज्ञान सब में’ kaha to ‘अभव्य’ ke bhi maane? Ise clear karenge, please ? 2) ‘द्रव्य का मूल’ ka meaning clarify karenge, please ? Reply
1) हां पांचो ज्ञान तो अभव्य में भी केवलज्ञान पर ढका हुआ, प्रकट रूप नहीं 2) द्रव्य का मूल मींस असलियत जैसे पत्थर में सोना निकले तो असलियत, सफलता इंजीनियरिंग का मूल है वरना इंजीनियर तो बहुत सारे होते हैं Reply
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द़व्य/पर्याय को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।
1) ‘पाँचों ज्ञान सब में’ kaha to ‘अभव्य’ ke bhi maane? Ise clear karenge, please ?
2) ‘द्रव्य का मूल’ ka meaning clarify karenge, please ?
1) हां पांचो ज्ञान तो अभव्य में भी केवलज्ञान पर ढका हुआ, प्रकट रूप नहीं
2) द्रव्य का मूल मींस असलियत जैसे पत्थर में सोना निकले तो असलियत, सफलता इंजीनियरिंग का मूल है वरना इंजीनियर तो बहुत सारे होते हैं