निर्लिप्तता
महावीर मुनि अवस्था में एक गांव में लंबे समय तक ध्यान तप करते रहे। गांव वालों ने घास की झोंपड़ी बना दी। गांव वालों ने देखा की झोंपड़ी को जानवर खा गए। महावीर अभी भी ध्यान में है।
गांव वाले… आपने बचाया क्यों नहीं ?
महावीर… शरीर ही मेरा नहीं, उसकी सुरक्षा का भाव नहीं, तो अन्य की सुरक्षा का भाव कैसे होगा !
ब्र.(डॉ.) निलेश भैया



