रुलाना….
किसी को रुलाने का पाकीज़ा तरीका… हँसाओ इस क़दर कि पानी निकल आये,
हम तो दुश्मन को भी पाकीज़ा सज़ा देते हैं।
हाथ उठाते नहीं, नज़रों से गिरा देते हैं।
डॉ. ब्र. नीलेश भैया
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रुलाना का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में अपने कल्याण हेतु किसी दुश्मन अथवा अज्ञानी को रुलाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उसको सुधारने का प़यास करना चाहिए ताकि किसी की ऩजरो में गिर न जावे।
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रुलाना का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में अपने कल्याण हेतु किसी दुश्मन अथवा अज्ञानी को रुलाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उसको सुधारने का प़यास करना चाहिए ताकि किसी की ऩजरो में गिर न जावे।