जन्म मरण का दु:ख

जब दु:ख जन्म में ही होता है, मरण में नहीं तो ऐसा क्यों कहा जाता है की जन्म-मरण में बहुत दु:ख होता है?

योगेंद्र

जन्म-मरण कहने में आ जाता है अन्यथा दु:ख तो जन्म में ही होता है, मरण में नहीं।
मरण के भय से जरूर सब दुखी रहते हैं।

मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान)

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One Response

  1. जन्म मरण का दुख का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में मरण से भयभीत नहीं होना चाहिए बल्कि धर्म से जुडना परम आवश्यक है।

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