भाव
भाव….
घर में मेहमान आये, बच्चे उपद्रवी –> औदयिक भाव।
रात को बच्चों की कुटाई, घर में शांति –> औपशमिक भाव।
दुबारा मेहमान आये, बड़े बच्चों को लालच दिया, छोटों को डराया –> क्षायोपशमिक भाव।
बड़े बच्चे जो मानते ही नहीं थे, Hostel भेज दिये, Permanent शांति –> क्षायिक भाव।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया



