भाव
भाव….
घर में मेहमान आये, बच्चे उपद्रवी –> औदयिक भाव।
रात को बच्चों की कुटाई, घर में शांति –> औपशमिक भाव।
दुबारा मेहमान आये, बड़े बच्चों को लालच दिया, छोटों को डराया –> क्षायोपशमिक भाव।
बड़े बच्चे जो मानते ही नहीं थे, Hostel भेज दिये, Permanent शांति –> क्षायिक भाव।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया




One Response
भाव का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु भाव विशुद्बी हेतु क्षायिक भाव रखना परम आवश्यक है।