Month: October 2025

विश्वास

आचरण से विश्वास पैदा होता है। विश्वास से ही जीवन चलता है, पड़ोसी धर्म निभता है, छत के नीचे विश्वास से ही बैठ पाते हैं,

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क्षपक

सल्लेखना करने वाले को भी क्षपक तथा श्रेणी माणने वाले को भी? क्योंकि कर्मों का क्षय दोनों ही करते हैं, अपने-अपने तरीकों से। मुनि श्री

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शिखर जी

लगभग 30 साल पहले शिखर जी की यात्रा करते समय, मित्र साथ में था। आखिरी 9 किलोमीटर रह जाने पर उसके मुँह में कफ आ

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दुर्जन

दुर्जन, जिसको अवगुण ही दिखायी दें/ उनकी Publicity करे, गुणों पर दृष्टि ही न जाये। महादुर्जन जो गुणों को भी अवगुण मानकर फैलाये। निर्यापक मुनि

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श्री, ह्रीं… देवी

ये देवियाँ (श्री, ह्रीं, धृति, कीर्ति, बुद्धि, लक्ष्मी) भगवान की माँ की सेवा (क्रमश: शोभा, लज्जा, धैर्य, कीर्ति, बुद्धि, वैभव बढ़ाने) के लिये नियुक्त होती

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धर्म / अधर्म

23 घंटे धर्म करें और यदि एक घंटा कुछ अधर्म हो जाए तो क्या दिक्कत ? 1 मिनट मांसाहार या किसी का मर्डर हो जाए

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तेरस

धन्य-तेरस, जब भगवान महावीर भगवान को ते*रस, बे रस लगने लगे थे, उनको नये रस आने लगे थे। ब्र. डॉ. नीलेश भैया * पुराने।

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धनतेरस

धनतेरस के दिन सोना खरीदना या किसी गरीब के सोने का इंतजाम करना! ताकि तुम भी चैन से सो सको।

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आस्था

आचार्य श्री विद्यासागर जी कहा करते थे.. किसी की आस्था पर चोट करना भी चोरी है। यह मिथ्यात्व है/ गलत है, ऐसा बार-बार कहने से

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शोधन

भोजन में बाल आदि आने पर उसे निकाल कर बाहर फेंक देते हैं। कटु वचन/घटना को ? उसे तो सर पर बैठा लेते हैं, वह

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मंगल आशीष

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October 21, 2025