पुण्योदय में पाप
पापोदय में पाप करते हैं यह तो समझ में आता है पर पुण्योदय में भी पाप करते हैं इसका क्या कारण ?
सुभाष – महगांव
आचार्य श्री विद्यासागर जी कहते थे… पुण्य के फल में यदि असावधानी बरती तो पाप करोगे/ पाप हो जाएगा।
जितना बड़ा पुण्योदय होगा उतनी ही ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ेगी जैसे भगवान बनने वालों को।
मुनि श्री सौम्य सागर जी- 10 फरवरी (शंका-समाधान)




One Response
पुण्योदय में पाप का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए पुण्य के कार्य के समय पाप का कार्य नहीं होना चाहिए।