Category: चिंतन
सार्थक उम्र
बड़े-बड़े संत छोटी-छोटी उम्र में अपना और हजारों का कल्याण करके चले गये (जैसे गुरुवर श्री क्षमासागर जी)। भगवान महावीर को ज्ञान की प्राप्ति ४२
वृद्धावस्था
भोजन के बाद मिष्ठान्न क्यों ? ताकि भोजन के दौरान मिर्चीला/कषैला स्वाद अगले भोजन तक न बना रहे। वृद्धावस्था भी जीवन के अंत में आती
पड़ौसी का ध्यान
घुटना ठीक रखना हो तो ऊपर नीचे की मांसपेशियों की भी देखभाल करनी होगी। पड़ौस में बच्चे भूख से रो रहे हों तो तुम्हारा निवाला
सत्य को नकारना
सत्य को नकारने के 7 कारण – राग, द्वेष, क्रोध, मान, माया, लोभ और भ्रम। चिंतन
देव-दर्शन
एक रूपक – देवदर्शन करते समय ऐसा आभास हुआ कि भगवान पूछ रहे हों- तुम्हारे साथ एक बिटिया आती थी, आजकल दिखती नहीं है? हाँ
व्यक्तित्व
व्यक्तित्व इतना भारी और गहरा होना चाहिये कि जाने के बाद तुरंत न उखड़ जाये/भुला न दिये जाओ। चिंतन
भाग्य / पुरुषार्थ
कम प्रकाश में घड़ी में समय नहीं दिखता। दृष्टि को सुइयों पर केन्द्रित करें, तो समय का पता लग जाता है। कम या ज़्यादा प्रकाश
इच्छा
रावण ने बहुरूपिणी विद्या सिद्ध कर ली थी। राम रावण के एक रूप को मारते थे, तभी उसके अनेक रूप पैदा हो जाते थे। इच्छा
निरर्थक
अब मोबाइल नं. के पहले “0” लगाने की ज़रूरत नहीं। अगर Memory में पड़ा है तो हर्जा क्या है/ delete करने का क्या फायदा ?
महानता
पुण्यात्मा व्यक्ति की महानता की कसौटी क्या है? उस पर कष्ट कम आये या ज़्यादा; अंततः उसकी मृत्यु कष्ट से हुई, या शांति से: महानता
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