Category: चिंतन

सुधार प्रवृत्ति

सामूहिक पूजा करते समय, प्रायः लोग सामग्री पटकते हैं। सलीके से चढ़ायें, तो टेबल/ थाली सुंदर दिखे। सामने वाला बायें पर डाले तो आप दायें

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कर्मफल

मौसमी के 6-7 फ़ीट के पेड़ पर हज़ारों फूल लगे। बाद में सैकड़ों छोटी-छोटी मौसमी की गाँठें सी बन गयीं। चिंता हुई कि ये छोटा

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स्वभाव

Boss के Boss तक मेरे मित्र ने मेरे ख़िलाफ़ शिकायत की। मैं Boss के पास जाकर दु:खी हुआ। Boss… ये तो तुम्हारे हित में हुआ

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दया

दया तो आत्मा का स्वभाव है, हर जीव में पाया जाता है, अपने बच्चों के प्रति हिंसक जानवरों तक में। जैसे-जैसे आत्मा विशुद्ध होती जाती

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भाग्य / पुरुषार्थ

भाग्य / पुरुषार्थ… एक प्रसिद्ध ज्योतिषी ने मेरी उम्र 62 वर्ष बतायी थी। फिर थोड़ा धर्म/ अनुशासित जीवन किया तो 72 वर्ष पर आ गया।

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संगति

संगति… गंगा का शुद्ध जल भी नाली में गंदा हो जाता है। चिंतन

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शरीर / आत्मा

आत्मा शरीर के माध्यम से भोग करती है। तभी तो शरीर पर चींटी, अनुभव आत्मा करती है। आत्मा निकलने के बाद बिच्छू भी काट ले

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प्रवेश

अपने मकान/ मच्छरदानी में एक छोटे से मच्छर का भी प्रवेश वर्जित है। अपनी आत्मा में दुश्मनों का भी प्रवेश वर्जित नहीं ! चिंतन

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उत्कृष्ट / निकृष्ट

उत्कृष्टता की तीन श्रेणी* ——> 10, 16, 25% दान देने वाले। निकृष्टता की भी तीन श्रेणी** –> 90, 84, 75% समय/ ध्यान (भगवान/ गुरु/ शास्त्र

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राग

राग बिना…. केवलज्ञान, राग सहित… केवल अज्ञान। चिंतन

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मंगल आशीष

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