
(Ekta)
यूँ ही नहीं आती ख़ूबसूरती रंगोली में,
अलग-अलग रंगों को एक होना पड़ता है ।
(सुरेश)
वाणी में ओज, मृदुता/माधुर्य और प्रसाद (फल) होना चाहिये, ख़ासतौर पर सल्लेखना के समय ।
मुनि श्री सुधासागर जी
नज़रिया ऐसा हो कि दरिया (नकारत्मकता) में ज़रिया (सकारात्मकता) दिखे ।
यश-बड़वानी
प्रभु का रास्ता बड़ा सीधा है और बड़ा उलझा भी….
बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा और भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा…
विचार से चलो तो बहुत दूर और भाव से चलो तो बहुत पास…
नज़रों से देखो तो कण-कण में और अंतर्मन से देखो तो जन-जन में..
(सुरेश)
जो गृह में स्थित हो, वह “गृहस्थ”।
गृहस्थ शब्द प्राकृत भाषा में “घरत्थ“* से आया है ।
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी
*प्रवचनसार गाथा – 291
विराम देना,,,
पूर्ण विराम देने ।।।
से बेहतर
– निःसंग बन्धु (ब्र.निलेश भैया)
2) 31 मार्च को Accounts close(पूर्ण-विराम) किये जाते हैं ।
हमारा पूर्ण-विराम किसी तारीख़ का मोहताज़ नहीं ।
सो विराम इतने लम्बे व ज्यादा न हों कि जीवन का पूर्ण-विराम जल्दी/ असमय आजाये ।
ज़िंदगी ने कुछ लेकर, तो कुछ देकर;
मुझे जीना सिखाया है….
सब तेरा नहीं है
और
सब तेरे लिए नहीं है ।
ये सबक सिखाया है ।
(अनुपम चौधरी)
आसमां में मत ढूंढ अपने सपनों को,
सपनों के लिए ज़मीं भी ज़रूरी है !
सब कुछ मिल जाए तो जीने का मज़ा ही क्या !
जीने के लिये एक कमीं भी ज़रूरी है ।
(सुरेश)

(अरुणा)
रोटी खाने से अधिक समय रोटी बनाने में लगता है,
रोटी बनाने से अधिक समय रोटी कमाने में लगता है
और
रोटी कमाने से अधिक समय उगाने में लगता है ।
अतः रोटी खुश हो कर खाएं और खा कर शुकराना ज़रूर करें… कमाने वाले का, बनाने वाले का और उगाने वाले का भी ।
(रजत जैन)
Two wonderful words for happy life….
“MINIMUM” for requirements,
and
“MAXIMUM” for adjustments.
(Suman Lata)
आप की अच्छाईयाँ बेशक अदृश्य हो सकतीं हैं |
लेकिन इनकी छाया हमेशा दूसरों के ह्रदय में सदृश्य दिखती रहतीं हैं ।
(सुरेश)

(Manju)
Pages
CATEGORIES
- 2010
- 2011
- 2012
- 2013
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
- 2018
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
- 2024
- 2025
- 2026
- News
- Quotation
- Story
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण – अन्य
- संस्मरण – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत-आचार्य श्री विद्यासागर
- वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत – अन्य
- प्रश्न-उत्तर
- पहला कदम
- डायरी
- चिंतन
- आध्यात्मिक भजन
- अगला-कदम
Categories
- 2010
- 2011
- 2012
- 2013
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
- 2018
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
- 2024
- 2025
- 2026
- News
- Quotation
- Story
- Uncategorized
- अगला-कदम
- आध्यात्मिक भजन
- गुरु
- गुरु
- चिंतन
- डायरी
- पहला कदम
- प्रश्न-उत्तर
- वचनामृत – अन्य
- वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण – मुनि श्री क्षमासागर
- संस्मरण – अन्य
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
Recent Comments