गर्भ में बच्चा सुनता नहीं, पर संस्कारित होता है ।
(जैसे पेड़/पौधों की Growth)
तथा माँ के संस्कार भोजन के द्वारा पहुँचते हैं ।

मुनि श्री सुधासागर जी

“मेरा मकान अच्छा हो” चलेगा/दोष नहीं,
पड़ौसी से अच्छा हो – अपराध;
प्रतिस्पर्धा खुद से ठीक, दूसरों से गुनाह ।
इच्छा इतनी करो कि बिस्तर पर जाते समय शेष ना रह जाय, नींद निर्विकल्प आये ।

कामना-  – मन की इच्छाओं को प्रकट करना,
गुरु/भगवान से अपने/अपनों के लिये कुछ मांगना ।

प्रार्थना- – इष्ट के सामने अपनी लघुता को प्रकट करते हुये, शांत रहने/संकट से जूझने की सामर्थ पाने के उदगारों/गुणानुवादों की अभिव्यक्ति ।

शरीरों के स्वभाव अलग अलग –
मिट्टी व जल स्वभाव वाले एकमेव,
धातु लकड़ी को -काटेगी, अग्नि लकड़ी को -जलायेगी, विपरीत स्वभाव वाले ।
इसलिये किसी को सोने की माला लाभदायक, दूसरे को नुकसानदायक ।

मुनि श्री सुधासागर जी

Archives

Archives

April 8, 2022

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930