बुद्ध ने एक रोगी, वृद्ध और एक मृत को देखा और वे प्रबुद्ध हो गये,
हम रोज़ देखते हैं, हमें वैराग्य क्यों नहीं हो रहा है ?

क्योंकि वे बुध्द थे​ और हम बुद्धू हैं ।

मन का स्वभाव सकारात्मक है ।
उसे मना करोगे तो वह मानेगा नहीं, उसे बताओ कि उसे क्या करना है, वह करेगा ।
तब मन के माध्यम से इंद्रियों को भी नियंत्रित कर सकते हो ।

क्षु. श्री ध्यानसागर जी

Archives

Archives

April 8, 2022

November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30