रिश्तों की बगिया में एक रिश्ता नीम के पेड़ जैसा भी रखना;
जो सीख भले ही कड़वी देता हो पर….तकलीफ में मरहम भी बनता है….

(शुचि)

1) चाहिये – इच्छा बढ़ेगी (“सकता” से योग्यता )
2) पड़ेगा -मजबूरी
3) लेकिन – अच्छे को बुरे से जोड़्ता है
4) भूलना मत – प्रयोग करें “याद रखना”

क्षु.श्री ध्यान सा.जी

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