बहुत सुन्दर शब्द जो एक मंदिर के दरवाज़े पर लिखे थे ।
अगर तुम अन्याय, अत्याचार और पाप करते करते थक गए हो तो अंदर आ जाओ ।
… क्यूंकि …
भगवान मेहरबानियाँ करते करते अभी नहीं थके हैं ।
परोक्ष में निंदा से उसका (जिसकी निंदा की जा रही है) बुरा नहीं, निंदा करने वाले का अवश्य,
प्रत्यक्ष में निंदा से उसका भला, अपना भी ।
मुनि श्री कुंथुसागर जी
रावण ने पूरी ज़िंदगी भोग भोगे, राम ने वनवास ।
रावण को हर साल रामलीला मैदान में जलाया जाता है, राम को मोक्ष सुख हमेशा हमेशा के लिये ।
मुनि श्री सुधासागर जी
रेगिस्तान है मोक्षमार्ग, एकाकी यात्रा ।
लौटने के लिये साथी चाहिए/बगीचा चाहिए ।
(या बगीचे/साथी की चाह पीछे लौटा देती है)
ब्र. नीलेश भैया
Temper is a quality that at a critical moment brings out the best in steel and worst in people.
मोबाईल में दो कैमरे, एक आगे का फोटो खींचता है, दूसरा पीछे का ।
पर एक समय में एक और एक का ही ।
संसार की ओर मुख करोगे तो मोक्षमार्ग छूट जायेगा/दिखेगा ही नहीं ।
चिंतन
वाणी से वक्ता की पहचान नहीं,
वक्ता से वाणी की पहचान करना ।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
Someone asked God – Who is your favorite person ?
God replied – The one who has power to take revenge but chooses to forgive.
आनंदमयी जीवन उन्हीं का होता है जो कर्म सिद्धांत को जीवन की व्यवस्था जानते, मानते तथा प्रयोग करते हैं ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
Good days or bad days depends on your thinking.
What u call “Suffocation” in train becomes an “Atmosphere” in Disco…
माँ बच्चों को प्यार कर उन्हें संसार की सुंदरता का अहसास दिलाती है ।
पिता बच्चों को बाहर ले जाकर संसार का वास्तविक रूप दिखाते हैं ।
एक काफिला सफ़र के दौरान अँधेरी सुरंग से गुजर रहा था । उनके पैरों में कंकरियाँ चुभीं,
कुछ लोगों ने इस ख्याल से कि किसी और को ना चुभ जाये,
नेकी की खातिर उठाकर जेब में रख लीं ।
कुछ ने ज्यादा उठायीं कुछ ने कम।
जब अँधेरी सुरंग से बाहर आये तो देखा वो हीरे थे ।
जिन्होंने कम उठाये वो पछताए कि ज्यादा क्यों नहीं उठाये ।
जिन्होंने नहीं उठाए वो और पछताए ।
दुनियाँ में जिन्दगी की मिसाल इस अँधेरी सुरंग जैसी है और नेकी यहाँ कंकरियों की मानिंद है ।
इस जिंदगी में जो नेकी की वो आखिर में हीरे की तरह कीमती होगी और इन्सान तरसेगा कि और ज्यादा क्यों ना की ।
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