बुज़ुर्ग वे आईने हैं, जिनमें हम अपना भविष्य देख सकते हैं ,
उनको देखकर हम अपना भविष्य सुधार सकते हैं ।
जिन्होंने गल्तियाँ की हैं, वे भुगत रहे हैं/पश्चाताप कर रहे हैं ,
जिन्होंने संयमित/ईमानदारी/वफादारी से जीवन जिया वे इज़्ज़त/आराम/सेवा पा रहे हैं ।
चिंतन
भगवान ने कभी धन कमाया नहीं ।
धर्म कमाओगे, धन अपने आप मिलेगा ।
Heavy rains remind us of challenges in life.
Never ask for a lighter rain.
Just pray for a better umbrella.
(Mrs. Neelima – Mumbai)
श्रीमद् रायचंद जी की सभा में एक व्यक्ति को किसी ने बीड़ी पीने का ईशारा किया, वह बीड़ी पीकर फिर सभा में आकर आत्मा की बातें सुनने लगा ।
रायचंद्र जी : वैसे तो आत्मा अनमोल है, पर कुछ लोगों के लिये उसकी कीमत 2 पैसे से भी कम है ।
अपनी उम्र और पैसे पर कभी घमंड़ मत करना, क्योंकि जो चीजें गिनी जा सकें वो यकीनन खत्म हो जाती हैं ।
A Superb Message conveying life..!!
We Have Two Eyes & One Tongue,
Which Means We Need to Look Twice & Talk Once..!!
We Have Two Ears & One Mouth,
Which Means We Need to Listen More than We Talk..!!
We Have Two Hands & One Stomach,
So We Need to Work Twice as Much as We Eat..!!
We Have Two Major Brain Parts, Left & Right & One Heart, So We Can Think Twice, But Love Only Once..!!
Amazing How Our Body Parts Remind Us How to Live..!
(Mr. Noona – Mumbai)
भगवान की भक्ति आदि करने से कषाय भाग जाती है/मंद होती है ।
कषायें भाग जाने पर (खाली घर हो जाने पर) ज्ञान प्रवेश पाता है ।
एक बार ज्ञान प्रवेश पा गया तो फिर वह कषायों को अंदर नहीं आने देता ।
चिंतन (श्री लालमणी भाई )
बैर क्रोध का अचार/मुरब्बा है ।
Some people always throw stones in your path.
It depends on you what you make with them, Wall or Bridge?
Remember you are the architect of your life.
(Mrs. Neelima – Mumbai)
मंदिर के बाहर भीख मांगते एक भिखारी से एक सेठ बोला –
यहां खड़े होकर भीख मांगने में शर्म नहीं आती !!
भिखारी – साब ! आती तो थी !
पर मैंने इसके लिए एक प्रयोग किया –
एक दिन मैं मस्जिद के बाहर खड़ा हुआ,
एक दिन मैं चर्च के बाहर गया,
एक दिन गुरूद्वारे के बाहर भीख मांगी,
जब मैंने हर जगह देखा, आप सब भी अंदर जा कर यही करते हैं, तो अब हिम्मत आ गई है ।
एक 18 साल का लड़का ट्रेन में खिड़की के पास वाली सीट पर बैठा था ।
अचानक वो ख़ुशी में जोर से चिल्लाया पिताजी, वो देखो, पेड़ पीछे जा रहे हैं ।
उसके पिता ने स्नेह से उसके सर पर हाथ फिराया, वो लड़का फिर चिल्लाया पिताजी वो देखो, आसमान में बादल भी ट्रेन के साथ साथ चल रहे हैं ।
पिता की आँखों से आंसू निकल गए, पास बैठा आदमी ये सब देख रहा था, उसने कहा इतना बड़ा होने के बाद भी आपका लड़का बच्चों जैसी हरकतें कर रहा है ।
आप इसको किसी अच्छे डॉक्टर को क्यों नहीं दिखाते ?
पिता ने कहा कि वो लोग डॉक्टर के पास से ही आ रहे हैं, मेरा बेटा जन्म से अँधा था, आज ही उसको नयी आँखें मिली हैं ।
नेत्रदान करें, किसी की जिंदगी में रोशनी भरें ।
None can destroy iron, but its own rust can !
Likewise, none can destroy a person, but his own mindset can.
Mr. Ratan Tata
ग़ालिब ने यह कह कर तोड दी तस्बीह(माला)..
गिनकर क्यों नाम लूँ उसका,
जो बेहिसाब देता है ।
(डा.सुधीर-सूरत)
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