इसमें हिंसा का दोष नहीं बल्कि जीवरक्षा का पुण्य है ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

कर्म उनको पैदा करने वाले से बड़े नहीं होते ।
जो पैदा करना जानता है वह उन्हें समाप्त भी कर सकता है ।

गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी

नीचे से किसी हवाई जहाज को देखें तो बहुत छोटा दिखायी देता है तथा रफ़्तार भी बहुत कम लगती है ।
ऐसे ही प्लेन वालों को ज़मीन पर चलने वाले ।
हम अपने गुरुजनों के कद तथा प्रगति को आकेंगे तो ऐसा ही लगेगा अथवा अपने छोटों के साथ भी अस्पष्टता रहेगी ।

चिंतन

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April 8, 2022

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