Problems are like washing machines, they twist, they spin & knock us around.
But in the end we come out cleaner, brighter & better then before.

(Mr. Navneet)

अपने माथे पर यदि स्वयं टीका लगायें तो सही जगह पर और सही आकार का नहीं लगता है ।
यदि आप दूसरे के माथे पर लगायें, या दूसरा आपके माथे पर, तो सही लगता है ।

चिंतन

संसार के हर खेल और कार्य में कुछ नियम/बंधन होते हैं,
बंधन के बिना जीवन चलता नहीं है ।
अपने को बंधन में रखना उत्तम है,
दूसरों को रखना या दूसरों का बंधन मानना गुलामी/मोह है ।
या तो हम इंद्रियों और मन को बांध कर रखें या उनके बंधन में रह कर उनके गुलाम बन जायें ।

मुनि श्री कुन्थुसागर जी

उत्तर दिशा में पवित्र कैलाश पर्वत है ।
उस दिशा में पर्वत को स्मरण करके हम नमस्कार करते हैं ।

क्या उस दिशा में अपवित्र क्षेत्र नहीं हैं ?
हैं, पर हमारी दृष्टि पवित्रता की ओर रहती हैं ।

चिंतन

हमें वो चार लोग आज तक नहीं मिले ?
जिनको मेरी Personal Life में इतना Interest है कि घरवाले हमेशा बोलते हैं….
चार लोग देखेंगे तो लोग क्या कहेंगे ।

(धर्मेंद्र)

बच्चों के हाथ से ज़हर हटा दिया तो क्या उनको मरण से आजाद कर दिया ?
यदि ज़हर की जगह हथेली पर स्मैक रख दिया तो क्या बच्चे मरण से स्वतंत्र हो गये ?
नहीं अब तो घुट घुट कर मरेंगे ।

मुनि श्री मंगलानंद जी

विदेशियों से तो आजादी मिल गई, स्वदेशियों* से कब मिलेगी ?

  1. *अपने लोग जो भ्रष्टाचार रूपी स्मैक खाने का प्रचलन बढ़ा रहे हैं ।
  2. *अपने लोग जो मोह रूपी स्मैक खा/खिला रहे हैं ।

Archives

Archives
Recent Comments

April 8, 2022

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031