नियम – प्रतिज्ञा लेना, बाह्य क्रिया ।
संयम – विरक्तिपूर्वक मन को अनुशासित करना, अंतरंग क्रिया ।।

चिंतन

कागज अपनी किस्मत से उड़्ता है (हवा चले तो ही उड़े), लेकिन पतंग अपनी काबिलियत से उड़ती है।

इसीलिये किस्मत साथ दे ना दे, काबलियत हमेशा साथ देती है ।

(श्री दीपक जैसवाल – ग्वालियर)

दुनियाँ में सबसे सस्ती चीज है सलाह, जो एक से मांगो तो हजारों से मिलती है ।
दुनियाँ में सबसे मंहगी चीज है सहयोग, जो हजारों से मांगो तो किसी एक से मिलता है ।

ध्यानरुपमं गुरुमुर्ति,                                                                                                                               पूजा मूलम् गुरु पदम्।
मंत्र मूलम् गुरु वाक्यं,                                                                                                                            मोक्ष मूलम् गुरु कृपा।।

हम सबका पता भगवान के पास रहता है ।
गुम जाओ/अपने को पहचान ना पाओ तो उनके पास पहुँच जाओ, सब अपने अपने घर शीघ्र पहुँच जायेंगे ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

प्यासा कौवा पानी से आधे भरे घड़े में पत्थरों को ड़ालता है*, और अपनी प्यास बुझा लेता है** ।

*पुण्य जमा करता है, जो भविष्य में फलित होते हैं ।
**वर्तमान में भी शीतलता पाता है ।

चिंतन

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