पेड़ की छाया (शरण) Temporary है, पतझड़ में नहीं ।
संसारी शरण ऐसी ही है ।

नीति से चपरासी बनना भी मंज़ूर होना चाहिए, अनीति के साथ चक्रवर्ती बनना भी उचित नहीं ।

गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी

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April 8, 2022

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