The key to happiness is not that you never get Angry, Upset, Frustrated, Irritated or Depressed,
but its how fast you decide to get out of it.
समय के साथ –
योगी का चेहरा सौम्य और सुंदर होता जाता है,
भोगी का चेहरा विकृत और असुंदर होता जाता है ।
उपाध्याय श्री ज्ञानसागर जी
मृत्यु में साँसें समाप्त हो जातीं हैं, इच्छाऐं रह जातीं हैं ।
समाधि में इच्छाऐं समाप्त हो जातीं हैं, साँसें रह जातीं हैं ।
All the right things are not always possible.
All the possible things are not always right.
Be true to your heart,
You will never go wrong ,
Live and let live all beings.
Lord Mahaveer
मोह जननी है,
रागद्वेष संतति ।
चिंतन
मोह ही संसार का बीज भी है ।
क्षु. श्री गणेशप्रसाद वर्णी जी
भगवान की द्रष्टि नासा* पर होती है और हमारी आशा पर ।
यही तो उनके सुख और हमारे दु:ख का कारण है ।
* अपनी नाक की दिशा में/ ना आशा, ना निराशा/अपने पर
Live life like a pair of walking legs…
The foot forward has no pride and the foot behind has no shame…
Because both know their situation will change…
(Mr. Pranjal)
अतीत में जीना मोह है, भविष्य में जीना लोभ है और वर्तमान में जीना कर्मयोग है ।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
मन की दलीलों को दरकिनार नहीं किया तो दलदल में धंसते चले जाओगे/दलित बन जाओगे ।
आर्यिका श्री सोहार्दमति माताजी
If we never thank God after every smile,
Then !
We have no right to blame him for every Tear.
(Ms. Shuchi)
शांति चाहने वाले “No Admission” का बोर्ड़ लटका लेते हैं ।
(“पर” को “निज” में नहीं आने देते)
आचार्य श्री विभवसागर जी
अशांति चाहते हो तो “To Let” का बोर्ड़ लगा लो ।
“पर” को बुला बुला कर अंदर रखो ।
कु. विनिता जैन – बरेली
सोने चांदी के बाजार में सफाई-कर्मचारी नालियों के कचड़े में बहुत खोजबीन करते हैं, कचड़ा छोड़ते जाते हैं और सोने चांदी के टुकड़े जमा कर लेते हैं ।
श्री सौरभ जैन नोयड़ा
Prayer and Seeds are similar in nature.
Both have nothing within,
but have the potential of creating everything.
(Mr. Mehul)
मीठे फलों से बाजार भरा पड़ा है,
कड़वे भी तो पैदा होते होंगे !
वे क्यों नहीं दिखते ?
मीठे फलों के पेड़ लगाये जाते हैं/उगाये जाते हैं/जमा किये जाते हैं/भेंट में एक दूसरों को दिये जाते हैं ।
ऐसे ही, शुभ-भावों को उगायें, दूसरों के द्वारा उगाये हुओं को भी जमा करें, एक दूसरों के साथ बांटें ।
चिंतन
Pages
CATEGORIES
- 2010
- 2011
- 2012
- 2013
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
- 2018
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
- News
- Quotation
- Story
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण – अन्य
- संस्मरण – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत-आचार्य श्री विद्यासागर
- वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत – अन्य
- प्रश्न-उत्तर
- पहला कदम
- डायरी
- चिंतन
- आध्यात्मिक भजन
- अगला-कदम
Categories
- 2010
- 2011
- 2012
- 2013
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
- 2018
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
- News
- Quotation
- Story
- Uncategorized
- अगला-कदम
- आध्यात्मिक भजन
- गुरु
- गुरु
- चिंतन
- डायरी
- पहला कदम
- प्रश्न-उत्तर
- वचनामृत – अन्य
- वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण – मुनि श्री क्षमासागर
- संस्मरण – अन्य
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
Recent Comments