God does not create sadness for us..
When we go away from God we experience sadness.

(Mr. Dharmendra)

ज्ञान इतना उपयोगी नहीं,
ज्ञान होने से जो जीवन में सावधानी/विवेक आता है, वह उपयोगी है ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

परमामृत और अमृत में  क्या अंतर है ?
अमृत खुद ही सर्वोच्च है, फिर परमामृत ?

अमृत लिया और दिया जाता है,
परमामृत, आत्मा में महसूस किया जाता है, जैसे संतों के जीवन में ।

श्री लालमणी भाई

चलते चलते देखता हुँ,
अनायास ही कोई ना कोई साथ हो जाता है ।
कुछ दूर,
वह साथ चलता है ।
फ़िर या तो ठहर जाता है या,
रास्ता ही बदल लेता है ।

मैं यह सोच कर आगे बढ़ जाता हुँ,
कि साथ चलने का सुख,
इतना ही होता है !!!

गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी
(प्रेषक : श्रीमति शिल्पी जैन – शिकागो)

जार्ज वर्नाड़ शा के भाषण समाप्त होने पर, एक महिला ने आकर भाषण को सराहा पर शिकायत की – आप बीच बीच में अपनी पेंट को बार बार ऊपर कर रहे थे, वह बहुत बेहूदा लग रहा था ।
जार्ज वर्नाड़ शा – यदि पेंट को ऊपर नहीं करता तो और भी बेहूदा दिखता ।

(ड़ा. एस. एम. जैन)

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