When time is never ready to wait for us,
then why do we always wait for the right TIME ?
there is no wrong time to do the right things.

(Dr. Sudheer)

एक दिन किसी ने मुझसे पूछा – कोई अपना तुम्हें छोड़कर चला जाये तो तुम क्या करोगे ?

मैंने हंसकर उसका ज़बाब दिया – अपना कभी छोड़कर जाता नहीं ,
और जो जाता है,वो अपना होता नहीं ।

(ड़ॉ. अमित)

बुंदेलखंड़ के राजा छ्त्रसाल का व्यक्तित्व बहुत आकर्षक था ।
एक महिला ने छत्रसाल जैसे व्यक्तित्व वाले बच्चे की प्राप्ति के लिये उनसे संबध बनाने की प्रार्थना की ।

राजा छत्रसाल – मैं तुमको अपनी माँ बना लेता हूँ ।

क्या भरोसा है ज़िंदगी का, इंसान बुलबुला है पानी का ।
जी रहे हैं हम कपड़े बदल बदल कर, एक दिन एक ही कपड़े में ले जायेंगे लोग हमें, कंधे बदल बदल कर ।

(श्रीमति रिंकी)

रावण ने सीता को अपनाने के लिये जब अपना रूप राम का रखा, तब उसने कहा –
“राम कौ रूप बनावत ही, मोहे मात सी लागत नारि पराई”

मुनि श्री सौरभसागर जी

हम ईमानदारी निभा नहीं पाते, सो ईमानदारी की परिभाषा ही अपने अपने अनुसार बदल लेते हैं ।
धर्मानुसार चल नहीं पाते, सो धर्म का रूप अपने अपने अनुसार बदल लेते हैं ।

चिंतन

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