Someone asked a Philosopher – ‘How do you believe that God exists ?’
His smart answer was – ‘Absence of evidence is not the evidence of his absence…’

(Mr. Sanjay)

मिट्टी के जिस बर्तन में तुम स्वादिष्ट भोज्य लेकर हर्षित हो रहे हो, वह कुम्हार की भट्टी में तपकर आता है ।
बांसुरी पहले छेद कराने का शोक सह चुकी है ।
निर्विकल्प अवस्था में ही हर्ष/शोक रहित स्थिति रहती है ।

श्री ख़लील ज़िब्रान

मन लगाने के लिये सामूहिक क्रियायें करें,
भक्ति अकेले में सबसे अच्छी होती है ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

हमें मालूम ना था कि आग इतनी गरम होती है,
पता तब चला जब हमारा खुद का घर जला ।

गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी

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