रेडियो पर धार्मिक चर्चा सुनते सुनते यदि असावधानीवश सुई जरा सी हिल गयी तो Disturbance आने लगता है ।
धार्मिक क्रियायें करते समय जरा सी असावधानी हुई तो सुई हिलकर संसार के कार्यक्रम पर चली जायेगी ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

एक कौवा हर समय कांव कांव करता रहता था ।
राजा ने उसे पकड़वाकर कीचड़ में फिकवा दिया ।
कौवा – हम तो Mud Bath ले रहे हैं ।
कांटों में फेंका, तो बोला – कान छिदवा रहे हैं ।

खुश रहने का हालात से संबंध नहीं है, यदि हम चाहें तो हर हाल में खुश रह सकते हैं और यदि न चाहें तो किसी हाल में खुश न रहें ।

श्री लालमणी भाई

गोबर गिरकर, उठाते समय भी कुछ ना कुछ अपने साथ लेकर उठता है ।

श्री सौरभ जैन – नोयड़ा

हम उठने की चाह तो रखते हैं फिर गुणों को ग्रहण क्यों नहीं कर पाते !!
इसीलिये उठने के नाम पर गिर रहे हैं।

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