पूज्यता हितकारी की नहीं, हितकारी तो गोबर भी है ।
पूज्यता तो पंचपरमेष्ठी की ही होती है ।

अगला विश्वयुद्ध भगवान के बनाये हुये इंसानों तथा इंसान के बनाये हुये इंसानों में होगा ।
क्योंकि इंसान इन Robots में सोचने की शक्ति ड़ालने का प्रयत्न कर रहा है और सोचने की शक्ति ही लड़ाई का कारण होती है ।

(श्री गौरव)

मांझी पहले दूसरों को किनारे पर उतारता है फिर खुद उतरता है ।
गुरू/भगवान भी हमको पहले किनारे पहुंचाना चाहते हैं, फिर खुद मोक्ष जाते हैं ।
इसलिये ही तो भगवान ज्ञान प्राप्ति के बाद भी बहुत समय तक संसार में रहते हैं ।

(श्री सुनील )

व्यवहार परिवार के साथ मोह पैदा करता है,
समाज के साथ सेवा भाव पैदा करता है ।
और जो सेवा नहीं करते वे विकलांग हैं ।

मुनि श्री सौरभसागर जी

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