आत्म-कल्याण
घर में रहकर आत्म-कल्याण कैसे करें ?
घर को “मेरा” ना मान कर, “बसेरा” मानना शुरू कर दो ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
घर में रहकर आत्म-कल्याण कैसे करें ?
घर को “मेरा” ना मान कर, “बसेरा” मानना शुरू कर दो ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
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One Response
यह कथन सत्य है कि घर में आत्मकल्याण के लिए घर को मेरा न मानकर उसे बसेरा मानकर शुरू करना चाहिए ताकि आत्मकल्याण के लिए अग्रसर हो सकता है।