सम्मान/अपमान को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु कभी सम्मान की आशा रखना उचित नहीं है, एवं कभी किसी का अपमान करना उचित नहीं है। Reply
One Response
सम्मान/अपमान को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु कभी सम्मान की आशा रखना उचित नहीं है, एवं कभी किसी का अपमान करना उचित नहीं है।