किसी लिफाफे पर पता लिखा ही न हो, तो क्या वह गंतव्य पर पहुँचेगा ?
सच्चे धर्म को जाने बिना धर्म करोगे क्या/ कैसे करोगे ??
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
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सम्यगदर्शन को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए सम्यगदर्शन होना परम आवश्यकता है, इसके लिए देव शास्त्र गुरु पर श्रद्बान रखना परम आवश्यकता है, इसके साथ भक्ति में विशुद्ध भाव रखना परम आवश्यकता है।
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सम्यगदर्शन को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए सम्यगदर्शन होना परम आवश्यकता है, इसके लिए देव शास्त्र गुरु पर श्रद्बान रखना परम आवश्यकता है, इसके साथ भक्ति में विशुद्ध भाव रखना परम आवश्यकता है।