नदियों में विसर्जन

हिंदु मान्यतानुसार राजा सगर के पुत्रों की भस्म से उन्हें जीवित करने के लिये भागीरथ ने गंगा को पृथ्वी पर उतारा। उनके पीछे मुड़कर देखने से गंगा Divert हो गयीं। तब उन्होंने भस्म ले जाकर गंगा में डाली। जब से ये प्रथा हिंदुओं में शुरू हुई।
(आजकल पर्यावरण को ध्यान में रखकर ये प्रथा कम हो रही है।
हड्डी के फूलों को खाकर मछली आदि भी मर जाती हैं)

निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी

Share this on...

6 Responses

  1. मुनि श्री सुधासागर महाराज जी ने नदियों में विसर्जन का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। जैन धर्म में इस प़था को योग्य नहीं माना गया है।

    1. वैदिक मान्यतानुसार ऋषि के क्रोध से भस्म हुए दुर्गति में ही जाते हैं। उनका उद्धार कराने के लिए गंगा को लाया गया था । उसके लिए भागीरथ ने घोर तपस्या की थी ।

    1. राजा सगर के पुत्रों को । जो भागीरथ के पूर्वज थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives

March 1, 2024

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31