सन्यास
सत्य में व्यस्त होकर, संसार से विरक्त होना ही सन्यास है ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
सत्य में व्यस्त होकर, संसार से विरक्त होना ही सन्यास है ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
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One Response
यह कथन सत्य है कि सत्य में व्यस्त होकर, संसार से विरक्त होना ही संन्यास कहलाता है।