Month: January 2025
शुद्धोपयोग
श्री समयसार जी/ प्रवचनसार जी के अनुसार चौथे गुणस्थान में शुद्धोपयोग नहीं होता है। श्रावकों को तो पर-द्रव्य के निमित्त से ही धर्मध्यान हो सकता
बालपने के दोष
1. दुखी/ दीनहीन होंगे तो ध्यान आकर्षित होगा। 2. समय से पहले बड़े होने की आकांक्षा; बल/ शरीर तो बढ़ा नहीं सकते सो बौद्धिक ज्ञान
सुख
जब संसार में सुख नहीं है तो हम जियें किसके लिये ? जियो उन संसारी कर्तव्यों को पूरा करने के लिये जिस संसार को आपने
मकर संक्रांति
????आज पतंग नहीं,कर्मों को उड़ाओ। ????किसी की पतंग मत काटो,अपने कर्म काटो। ????ये कैसा मज़ा है जिसमें निरीह पक्षियों का घात हो ? ????किसी से
अणु / स्कंध
8 प्रकार के स्पर्शों में से अणु में 2 गुण (एक बार में) स्निग्ध/ रूक्ष में से एक तथा शीत/ उष्ण में से एक। स्कंध
सद्गुरु
सद्गुरु आशीर्वाद देते हैं, आश्वासन नहीं। आचार्य श्री विद्यासागर जी
पूजादि
धार्मिक क्रियाओं में “पहले मैं करूँ” की भावना प्रायः अहंकार सहित होती है सो मिथ्यात्व का कारण, हालांकि पुण्य बंध तो होगा। यही किया ज्ञानी
भारत देश
विदेश भ्रमण करके लौटते समय स्वामी विवेकानंद जी ने कहा – अब मेरा भारत के प्रति दृष्टिकोण बदल गया है। पहले में उसका आदर करता
लेश्या
कल्पवासी में जन्म लेने के लिए सम्यग्दर्शन हो या ना हो, किंतु शुभ लेश्या का नियम है। अंत समय में यदि अशुभ लेश्या हो गई
काल
आचार्य श्री विद्यासागर जी के पास एक व्यक्ति ने कहा –> मैं काल को नहीं मानता ॥ आचार्य श्री –> फिर घड़ी क्यों पहने हो
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