Month: July 2026
पापी / पुण्यात्मा
स्वर्ग 19 (16+3), नरक 7 ही, तो क्या पुण्यात्मा ज्यादा पापी कम होते हैं ? पुण्यात्माओं के महल आदि ज्यादा बड़े-बड़े होते हैं। नारकी एक-एक
बाह्य आवरण
आँख आदि की दवा परिवार में कई लोग डालते हैं। अपनी-अपनी डिब्बी पर निशान बना लेते हैं। कुछ दिनों में डिब्बियाँ खराब हो जाती हैं,
पहाड़ों की ऊँचाई
विदेह, भरत तथा ऐरावत क्षेत्रों में पहाड़ 5 हजार धनुष से ज्यादा ऊँचे नहीं होते। इसलिये भगवान जब विहार करते हैं तो ये रुकावट नहीं
पूजादि
पूजा → गुणगान करना। अर्चना → समर्पण, पूजा के साथ (द्रव्यादि)। वंदना → गुणी के आगे झुकना। निर्यापक मुनि श्री वीरसागर जी
सदवस्थारूप उपशम
सदवस्थारूप उपशम… सत्ता के कर्मों का असमय में उदय में नहीं आने देना। श्री मरणमंडिका
मोह / व्यामोह
जैसे शराब पीना मोह, नशा चढ़ना व्यामोह। मोह तो ज्ञानी को भी हो सकता है पर उसे व्यामोह नहीं होगा। निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
कषाय
हम सम्यग्दृष्टि हैं या मिथ्यादृष्टि, कैसे पता लगे ? यदि समय के साथ कषाय घट रही है तो सम्यग्दर्शन हो गया या होने वाला है,
दान
दान… अकेले में दें तो गुप्त। समारोह में बताकर ताकि औरों को प्रेरणा मिले, अनुमोदना करने का अवसर मिले और आप निमित्त बनें। मुनि श्री
उदयाभावी
उदयाभावी… अनंतानुबंधी का उदय, अप्रत्याख्यानादि 12 कषाय रूप संक्रमित होकर पर-मुख से उदय में आते रहना। श्री मरणमंडिका
देहरी
देहरी के फायदे –> देखकर चलोगे तो कीड़ों की भी रक्षा होगी। बाहर के कीड़े अंदर नहीं आयेंगे। बाहर की -ve Energy अंदर आने से
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