जिन जिन चीजों से जान का ख़तरा होता है, उनसे हम दूर रहते हैं न ?
और जान है, आत्मा !
विषयभोग/कषाय आत्मा का घात करती हैं, उनसे हम दूर क्यों नहीं रहते !!
चिंतन
Somebody asked :
What is forgiveness?
A little girl gave a lovely reply :
“It is the wonderful fruit that a tree gives when it is being hurt by a stone”
(Mr. Arvind Barjatya)
सचिन तेंदुलकर के 200 वें अंतिम टेस्ट मैच के समय एक संस्मरण सुनाया गया –
पाकिस्तान के साथ एक मैच में उनके बैट्समैन जावेद मियाँदाद ने बॉलर से पूछा कि तेरा रूम नं. क्या है ?
उसने ज़बाब नहीं दिया ।
हर बॉल के बाद मियाँदाद वही प्रश्न करता था और बॉलर कोई ज़बाब नहीं देता था ।
मैच पूरा होने के बाद बॉलर ने पूछा कि मेरा रूम नं. क्यों पूछ रहे थे ?
मियाँदाद ने कहा – मुझे ऐसा सिक्स मारना था जो तेरे रूम के काँच तोड़ देता ।
जाहिर है बॉलर उलझा नहीं, बैट्समैन सिक्स मार पाया नहीं और इंड़िया जीत गया ।
तेंदुलकर किसी से उलझते नहीं/रियेक्ट नहीं करते हैं, बस अपनी मंज़िल की तरफ निरंतर बढ़ते रहते हैं ।
पहाड़ों पर पानी दिखता नहीं है, पर सब मीठे पानी की नदियाँ वहीं से निकलती हैं ।
समुद्र में पानी ही पानी है पर प्यास बुझाने के लिये एक बूँद पानी भी नहीं है (सांसारिक सुख) ।
इसी प्रकार धर्म भी दिखता नहीं है पर प्यास बुझाता है, शीतलता देता है ।
मुनि श्री उत्तमसागर जी
The size of our problem is nothing as compared to our ability to solve them .
But we over-estimate the problem and under-estimate our ability.
(Mr. Deepak Jaiswal – Gwalior)
भगवान की मूर्तियों के आसपास देवी देवताओं की सुंदर सुंदर मूर्तियाँ/सजावट होती है ।
यदि उनमें अटक गये तो मुख्य भगवान की छवि से दूर हो जाओगे/भटक जाओगे ।
चिंतन
भगवान की पूजा से फायदे वैसे ही हैं जैसे नदी में नहाना ।
मैल (पाप) दूर होता है, (जितनी तल्लीनता से करोगे, उतना ज्यादा मैल निकलेगा )।
शीतलता (पुण्य) मिलती है,
पवित्रता (कर्मनिर्जरा/झरते हैं) आती है ।
श्री सुभाष भाई
To forgiveness is to set a prisoner free and discover that the prisoner was YOU.
(Mrs. Ekta)
ट्रेन यदि लेट हो गयी तो लेट ही होती जाती है ।
इसी प्रकार आत्मोत्थान में देरी कर दी तो और और देरी होती जायेगी ।
चिंतन
कर्म उदय आने पर हमारी सोच को प्रभावित कर देता है ।
पुण्यकर्म का उदय आने पर सोच अच्छी हो जाती है और पापोदय आने पर सोच खराब हो जाती है ।
पं. रतनलाल जी बैनाड़ा
When we focus on Co-Operation instead of competition .
Our life becomes a celebration.
So never try to defeat others.
Try to win Them!!
(Mr. Deepak Jaiswal – Gwalior)
विश्वास संसारी जीवों पर होता है,
श्रद्धा सच्चे देव, शास्त्र, गुरु पर होती है ।
मुनि श्री विनम्रसागर जी
ज़िंदगी में दो चीज़ें हमेशा टूटने के लिए ही होती हैं :
“सांस” और “साथ”
“सांस” टूटने से तो इंसान 1 ही बार मरता है;
पर किसी का “साथ” टूटने से इंसान पल-पल मरता है।
(श्रीमति नीलम जैन – दिल्ली)
Pages
CATEGORIES
- 2010
- 2011
- 2012
- 2013
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
- 2018
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
- 2024
- 2025
- 2026
- News
- Quotation
- Story
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण – अन्य
- संस्मरण – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत-आचार्य श्री विद्यासागर
- वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत – अन्य
- प्रश्न-उत्तर
- पहला कदम
- डायरी
- चिंतन
- आध्यात्मिक भजन
- अगला-कदम
Categories
- 2010
- 2011
- 2012
- 2013
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
- 2018
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
- 2024
- 2025
- 2026
- News
- Quotation
- Story
- Uncategorized
- अगला-कदम
- आध्यात्मिक भजन
- गुरु
- गुरु
- चिंतन
- डायरी
- पहला कदम
- प्रश्न-उत्तर
- वचनामृत – अन्य
- वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण – मुनि श्री क्षमासागर
- संस्मरण – अन्य
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर

Recent Comments