आर्यिका श्री पूर्णमती माता जी ने चरित्र को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए चरित्र का निर्माण परम आवश्यक है। Reply
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आर्यिका श्री पूर्णमती माता जी ने चरित्र को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए चरित्र का निर्माण परम आवश्यक है।
Wonderful post ! Namostu Acharya Shri !