ज्ञानी / अज्ञानी
ज्ञानी अपराध होने पर सज़ा चाहता है/ मांगता है, मिलने पर खुश।
अज्ञानी सज़ा मिलने पर जेल तोड़कर भागना चाहता है।
जिन पर मुसीबत ज्यादा उनका नाम ज्यादा जैसे राम/ पार्श्वनाथ भगवान।
सुखी होना चाहते हो तो दु:ख में दुखी मत होना।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी




One Response
ज्ञानी एवं अज्ञानी का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए ज्ञानी बनना परम आवश्यक है।