त्याग से ही व्यक्ति बड़ा/ महान बनता है, भोग से नहीं (नीचे ही जाता है)।
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी
Share this on...
One Response
त्याग को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। जैन धर्म में त्याग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अतः जीवन के कल्याण के लिए त्याग की भावना रखना परम आवश्यक है। भौग विलास से दूर रहनै का प़यास करना परम आवश्यक है।
One Response
त्याग को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। जैन धर्म में त्याग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अतः जीवन के कल्याण के लिए त्याग की भावना रखना परम आवश्यक है। भौग विलास से दूर रहनै का प़यास करना परम आवश्यक है।