Category: डायरी

हिंसा

पेड़ आदि को काटने में हिंसा कम, बकरे/मुर्गे में ज्यादा, क्योंकि हिंसा आत्मा की नहीं, प्राणों (इंद्रियाँ,मन,वचन,काय आदि) की होती है । पेड़ में 4

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जानवर / मनुष्य

(सुरेश) अनर्थ-वाचन तथा मायाचारी के कारण मनुष्य जानवरों से भी पीछे रह जाता है ।

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दोष

दांत तोड़ने के लिये एक छोटा सा कंकड़ ही काफ़ी होता है; ऐसे ही छोटा सा दोष जीवन को तोड़ने के लिए काफ़ी होता है

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सम्भावना

सम्भावना = सम + भावना । जब भावना सबके प्रति समान होंगी, तब सम्भावना (कल्याण की)  बढ़ेगी ।  

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74 वाँ स्वतंत्रता-दिवस

गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी स्वतंत्रता = क्रियात्मक जीवन परतंत्रता = प्रतिक्रियात्मक जीवन पहले देश पराधीन था पर सोच/चेतना आज़ाद थी, आज देश आज़ाद लेकिन

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वचन

वचन तीन बार क्यों ? पहली बार मंद सहमति, दूसरी बार नकारात्मक (हाँ, हाँ….) तीसरी बार पक्का । आचार्य श्री विद्यासागर जी

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भगवान का जन्मदिन

भगवान का जन्मदिन मनाने के कई लाभ – 1. दूसरों की खुशी में शरीक होने का पुण्य । 2. बड़े आदमी के उत्सव में शरीक

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हार जीत

जीत निश्चित हो तो अर्जुन कोई भी बन सकता है, पर हार निश्चित हो तो, अभिमन्यु बनने का जो साहस रखते हैं, उनके नाम से

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मंगल आशीष

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