Category: डायरी
दावा
हर व्यक्ति अलग-अलग दावे करते हैं जैसे “मैं पुत्र हूँ”। तब वैसी ही क्रिया शुरू हो जाती है। कभी मैं “भगवान हूँ”, ऐसा दावा क्यों
दृढ़ता
आज के ही दिन जब अपना देश रात को 12:00 बजे आज़ाद हो रहा था, उस समय महात्मा गांधी जी सो रहे थे। उनका 9:00
स्वतंत्रता सेनानी
श्री मोती चंद्र शाह (श्री बाल गंगाधर तिलक के साथ में) स्वतंत्रता संग्रामी थे। किसी व्यक्ति ने एक अंग्रेज को गोली मार दी। श्री शाह
दान
दान देकर जो खुद ही अपने दान की बार-बार अनुमोदना करते हैं, उनको अतिरिक्त पुण्य मिलता है। यदि दान देकर दुखी हुए तो अर्जित पुण्य
आज़ादी
जीव की तरह बीज भी आज़ादी चाहता है। किसान के पुरुषार्थ बिना भी अंकुरित हो जाता है। 2 ग्राम का बीज टनोंटन माटी को हटाकर
वास्तु
पत्नी का श्रृंगार पति के लिए वास्तु है। आपसी संबंधों को सही बनाए रखने में सहायक। मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 2 अगस्त)
क्रोध / सत्य
क्रोध में कही गई बात प्राय: सत्य के करीब होती है। ब्र. डॉ. नीलेश भैया (पर कहा तो यह जाता है कि नशे में आदमी
माँ / पिता
“माँ” कहने पर मुँह खुल जाता है/ माँ के सामने ही मुँह खुलता है। स्वतंत्रता संग्राम में मुँह खोलने की पहल करने वालों के नाम
दरार
बादलों में जरा सी दरार पड़ जाए तो बादल फट जाते हैं, सर्वनाश कर देते हैं। बच्चों से अपेक्षाएं/ बच्चों को सराहना की चाहत, दरार
विश्वास
आचरण से विश्वास पैदा होता है। विश्वास से ही जीवन चलता है, पड़ोसी धर्म निभता है, छत के नीचे विश्वास से ही बैठ पाते हैं,
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