Category: डायरी

संगति

संगति… हजारों किलो कपास अकेले होने पर, पलभर में पूरा जल जाता है; थोड़ा सा कपास घी की संगति में (बत्ती बन) घण्टों तक रोशनी

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मौन

शब्द तो यदा-कदा चुभते ही रहते हैं सबके, जब … मौन चुभ जाए किसी का तो सम्भल जाना चाहिए । (मंजू रानीवाला)

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चोरी

आर्यिका विशालमति, जो आर्यिका विज्ञानमति से ज्येष्ठ हैं, ने उनसे ब्रह्मचर्य पर कुछ लिखने को कहा। बड़ी माताजी की प्रेरणा और सलाह से उन्होंने ‘शीलमञ्जूषा’

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भक्ति

आचार्य श्री विद्यासागर जी (…,ऐसी प्रकृतियों का बंध होता है जो सारे बंधनों को काटने में समर्थ होती हैं।)

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मंगल आशीष

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