Category: डायरी
सफलता का रहस्य
अमेरिका के बड़े धनी एंड्रयू कार्नेगी ने सफलता का रहस्य वबताया… सोने की खदानों में टनों मिट्टी हटाने/Ignore करने पर एक/दो ग्राम सोना नज़र आता
पैसा
जैसे-जैसे पैसा बढ़ता जाता है, शून्यता भी बढ़ती जाती है(1, 10, 100…..)। इसीलिए बुजुर्गों ने 11-101 आदि की भेंट शुरू करी ताकि एकता(1) बढ़े। गौरव
आत्मविश्वास
“छाता” बारिश तो नहीं रोक सकता, पर “बारिश” में खड़े होने का “साहस” ज़रूर देता है। ठीक उसी तरह “आत्मविश्वास,”सफलता” की गारंटी तो नहीं देता,
सुखी
सबसे करीब हमारी आत्मा, लेकिन करीब रहते हैं दूसरों की आत्मा के। “स्व” के ऊपर श्रद्धालु ही “पर” श्रद्धालु हो सकता है। जो ख़ुद सुखी
अस्तित्व
दीवारों ने छत से कहा…तुम हम पर ही टिकी हो। छत ने कहा… तुम्हारी सुरक्षा मुझसे ही है। फर्श चुप ना रह सका बोला… मेरे
माँ
दीपक (माँ रूप) पूरे घर को प्रकाशित करता है, पर दिया तले अंधेरा (माँ अपना ध्यान नहीं रखतीं)। उस अंधकार को दूसरे दीपक दूर कर
परिवार
परिवार…. परि = चारों ओर से। वार = 1. आघात/ चोट पहुँचाना। 2. अवसर/ चोटी पर पहुँचाना। हम कैसा परिवार विकसित कर रहे हैं !
व्यवहार / निश्चय
शुरू में व्यवहार अंत में निश्चय। एक बच्चा पिता के साथ मेला गया। बच्चा खिलौने के लिए जिद कर रहा था। थोड़ी देर में पिता
कर भला हो भला
शिष्य… गुरुजी ! मकान की बहुत परेशानी है। कुछ तरकीब बताएँ। गुरु… एक घड़ा टेढ़ा करके पेड़ पर लटका दें। अगली साल तक एक मकान
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