धन ज़रूरत के लिये, ज़रूरतमंदों के लिये,
जोड़ने और छोड़ने के लिये नहीं ।
नाव को मंज़िल तक पहुँचाने के लिये, नाव में भरने/डुबाने के लिये नहीं ।

भगवानों तक ने सैकड़ों सालों तक कैसी-कैसी विपत्तियाँ झेलीं/ कर्मों से युद्ध करते रहे,
और उनके भक्त कुछ महीनों के कोरोना से घबराने/डरने लगे !

आचार्य श्री विद्यासागर जी

“मेरा मकान अच्छा हो” चलेगा/दोष नहीं,
पड़ौसी से अच्छा हो – अपराध;
प्रतिस्पर्धा खुद से ठीक, दूसरों से गुनाह ।
इच्छा इतनी करो कि बिस्तर पर जाते समय शेष ना रह जाय, नींद निर्विकल्प आये ।

कामना-  – मन की इच्छाओं को प्रकट करना,
गुरु/भगवान से अपने/अपनों के लिये कुछ मांगना ।

प्रार्थना- – इष्ट के सामने अपनी लघुता को प्रकट करते हुये, शांत रहने/संकट से जूझने की सामर्थ पाने के उदगारों/गुणानुवादों की अभिव्यक्ति ।

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April 8, 2022

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