लोगों से जुड कर प्रसिद्ध हो सकते हैं
परन्तु
स्वयं से जुड़कर ही सिद्ध हुआ जा सकता है ।
(सुरेश)
Virtues are like riding a bike.
Either you keep moving or you fall down.
पांच पहर धंधा किआ,
तीन पहर* गये सोय,
एकौ घड़ी ना हरि भजे,
मुक्ति कहाँ से होए !
पहर = 3 घंटे
(नरेश सैनी)
हाथ क्या मिलाया कुछ दोस्तों से,
कमबख़्त! दुःख की लकीरें ही मिटा गए..!
(मंजू)
Write down ideas,
they get lost like good pens.
व्यवसाय को नौकरी से अच्छा इसलिये कहा…
क्योंकि
यह Running है (मरने के बाद भी बच्चों को मिलेगा) ।
ज्ञान, तप, नियम ऐसे ही बेहतर होते हैं क्योंकि उनका अभ्यास नियमित किया जाता है ।
मुनि श्री सुधासागर जी
Accept that you have lost,
but
never accept that you failed.
वर्तमान को “Present ” क्यों कहते हैं ?
क्योंकि
Every day is a gift.
दोनों हाथ प्रयोग करें तो वंदना,
एक हाथ का प्रयोग थप्पड़ मारना ।
चिंतन
श्रेष्ठ – जो श्रेष्ठ कार्य करता है,
परम श्रेष्ठ – जिसका नाम (गुरु/भगवान) लेने से कार्य श्रेष्ठ हो जाते हैं ।

(Divya)
दुकान पर किस्मत Encash होती है, मंदिर में किस्मत बनती है ।
100 रुपये के चने बेचने वाला 100 रुपये कमाता है,
याने 100% profit,
1 करोड़ के बिज़नस वाले का profit ?
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