छोटी उँगली पर पूरा गोवर्धन पर्वत उठाने वाले, श्री कृष्ण, बाँसुरी दोनों हाथों से बजाते थे ।

बस इतना ही अंतर है, पराक्रम और प्रेम में..
प्रेम में पराक्रम ज़्यादा लगता है ।

(मंजु)

नियम सब हमने बनाए हैं ताकि हम बने रह सकें,

लेकिन हो यह रहा है कि नियम तो बनते जा रहे हैं लेकिन हम टूटते जा रहे हैं ।

गुरुवर पूज्य मुनि श्री क्षमा सागर जी

Archives

Archives
Recent Comments

April 8, 2022

November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30