घर में आग लग गयी ।
मित्र ने पूछा – क्या-क्या जल गया ?
मेरे अलावा सब कुछ जल गया ।
मित्र – फिर नुकसान क्या हुआ ? सब कुछ तो बच गया है !!

(अरुणा)

पानी को कसकर पकड़ोगे तो वह हाथ से छूट जायेगा,
उसे बहने दोगे तो वह अपना रास्ता स्वयं बना लेगा ।

परिस्थितियों को भी सामर्थ्य से ज्यादा मत पकड़ना,
छोड़ने पर वे स्वयं समाधान ढूँढ लेंगी ।

(अरुणा)

जीवन में अगर आपको आपके किये हुए कार्य का
श्रेय ना मिले तो चिंता मत करना,
क्योंकि आप उस दुनिया में रहते हैं..

जहाँ जलते तो तेल और बाती हैं पर लोग कहते हैं-“दीपक जल रहा है”…!

(डा.अमित)

किसी से अपने जैसे होने की
उम्मीद मत रखिये,
क्योंकि आप अपने सीधे हाथ में किसी का सीधा हाथ पकड़ कर कभी नहीं चल सकते ।

किसी के साथ चलने के लिए
अपने सीधे हाथ में उसका उल्टा
हाथ ही पकड़ना पड़ता है,
तभी साथ चला जा सकता है ।

(आर.के.गुप्ता)

व्यक्ति सोते से घबराकर उठा – “मेरे पेट पर से एक चूहा निकला”
मित्र – पर इसमें घबराने की क्या बात है ?
चूहा ही तो था !!
चूहे ने रास्ता बता दिया है । अभी चूहा निकला है, कल को हाथी निकलेगा ।

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April 8, 2022

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