एक शराबी बीच सड़क में पड़ा था । सब उसे बचने के लिये समझा रहे थे ।
वह सुन सबकी रहा था पर देख नहीं रहा था, आँखें मुंदी थी, इसलिये बच नहीं पा रहा था ।
हमारी स्थिति भी मोह के नशे में ऐसी ही तो है !!
मुनि श्री विनिश्चयसागर जी
सर्दी ज्यादा होने पर गर्म ऊनी कपड़े भी ठंड़े लगते हैं, जैसे कोई काम नहीं कर रहे हों । पर ऊनी कपड़े हटाने पर पता लगेगा (सर्दी बहुत लगने लगेगी) ।
पापोदय तीव्र होने पर पुरूषार्थ भी अप्रभावी लगने लगता है पर यदि नहीं किया तो पापोदय और तीव्र असर दिखाने लगेगा ।
चिंतन
F-E-A-R : has two meanings :
- Forgot Everything And Run
- Face Everything And Rise.
Mr. Ratan Tata
छोटा सा बाल गले में अटक जाये तो बेसुरा, दु:खदायी,
धर्मध्यान में बाल (बालक) ऐसा ही अवरोध है, बालहट, बालतप व्यवधान है ।
मन भी बालकवत है – सावधान !!
आचार्य श्री विद्यासागर जी
अधूरे तो हम सब हैं,
पर ज्ञानी इस अधूरेपन को दूर करने में लगातार प्रयत्नशील रहता है ।
अज्ञानी प्रयत्न नहीं करता, बस दु:खी रहता है ।
मुनि श्री सुधासागर जी
We make them cry who care for us.
We cry for those who never care for us,
and we care for those who will never cry for us.
This is the truth of life,
It’s strange but true.
Once we realize this ,it’s never too late.
कमलों को खिलाने में सूर्य नहीं, सूर्य की आभा ही कारण है ।
हमारी आत्मा को विकसित करने में भगवान नहीं, उनकी भक्ति ही कल्याण का कारण है ।
श्री भक्तामर जी

ब्र. संजय
The One
who loves you
will never leave you
because
even if there are
100 reasons
to give up
he will find
one reason
to hold on.
(Mrs. Neelam – Delhi)
विशुद्धि आंतरिक होती है, पवित्रता बाह्य ।
अब तो तूफान से ज्यादा शांति से डर लगता है ।
तूफान तो आता है खत्म होने के लिये जबकि शांति आने पर तूफान आना अवश्यंभावी है ।
चिंतन
Either write something worth reading or do something worth writing.
Benjamin Franklin
मंदिर के बाहर भीख मांगते एक भिखारी से एक सेठ बोला – यहां खड़े होकर भीख मांगने में शर्म नहीं आती !
भिखारी – साब ! आती तो थी !
पर मैंने इसके लिए एक प्रयोग किया-
एक दिन मैं मस्जिद के बाहर खड़ा हुआ, एक दिन मैं चर्च के बाहर गया, एक दिन गुरूद्वारे के बाहर भीख मांगी
जब मैंने हर जगह देखा, आप सब भी अंदर जा कर यही करते है, तो अब हिम्मत आ गई है !!!
एक आदमी ने देखा कि एक गरीब बच्चा उसकी कीमती कार को बड़े
गौर से निहार रहा है।
आदमी ने उस लड़के को कार में बिठा लिया।
लड़के ने कहा:- आपकी कार बहुत अच्छी है, बहुत कीमती होगी ना ?
आदमी:- हाँ, मेरे भाई ने मुझे गिफ्ट दी है।
लड़का (कुछ सोचते हुए):- वाह ! आपके भाई कितने अच्छे हैं ।
आदमी:- मुझे पता है तुम क्या सोच रहे हो, तुम भी ऐसी कार
चाहते हो ना ?
लड़का:- नहीं ! मैं आपके भाई की तरह बनना चाहता हूँ ।
आज का विचार…
“अपनी सोच हमेशा ऊँची रखें, दूसरों की अपेक्षाओं से कहीं ज्यादा ऊँची” !!
(श्रीमति नमिता – सूरत)
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