पटाखों से जले हुये बच्चों की सीख सुनो…
पक्षी और पशुओं की, शांति की भीख सुनो…
बंद करो धन और वातावरण की बरबादी…
अहिंसा और प्रेम की, महावीर की सीख सुनो.

दुनिया में कोई भी चीज़ अपने आपके लिए नहीं बनी है।
जैसे:
दरिया – खुद अपना पानी नहीं पीता।
पेड़ – खुद अपना फल नहीं खाते।
फूल – अपनी खुशबु अपने लिए नहीं बिखेरते।
मालूम है क्यों?
क्योंकि दूसरों के लिए ही जीना ही असली ज़िंदगी है।

(श्रीमति नीलम जैन – दिल्ली)

इंसान को कभी भी घमंड़ नहीं करना चाहिये, क्योंकि शतरंज की बाजी खत्म होने के बाद राजा और मोहरे एक ही ड़िब्बे में रख दिये जाते हैं ।

(श्री दीपक जैसवाल – ग्वालियर)

छाता बारिश को तो नहीं रोक सकता, परन्तु बारिश में खड़े होने का हौसला अवश्य देता है ।
इसी प्रकार आत्मविश्वास सफलता की गारंटी तो नहीं देता, परन्तु सफलता के लिये संघर्ष करने की प्रेरणा अवश्य देता है ।

हर ख़ुशी है लोगों के दामन में,
पर एक हंसी के लिये वक़्त नहीं |

सारे रिश्तों को तो हम मार चुके,
अब उन्हें दफ़नाने का भी वक़्त नहीं |

सारे नाम मोबाइल में हैं,
पर दोस्ती के लिये वक़्त नहीं |

आखों में है नींद भरी,
पर सोने का वक़्त नहीं |

पैसों की दौड़ में ऐसे दौड़े,
कि थकने का भी वक़्त नहीं |

तू ही बता ऐ ज़िन्दगी,
इस ज़िन्दगी का क्या होगा |
कि हर पल मरने वालों को,
जीने के लिये भी वक़्त नहीं |

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April 8, 2022

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