दुनिया में कोई भी चीज़ अपने आपके लिए नहीं बनी है।
जैसे:
दरिया – खुद अपना पानी नहीं पीता।
पेड़ – खुद अपना फल नहीं खाते।
फूल – अपनी खुशबु अपने लिए नहीं बिखेरते।
मालूम है क्यों?
क्योंकि दूसरों के लिए ही जीना ही असली ज़िंदगी है।
(श्रीमति नीलम जैन – दिल्ली)
First bench students are intelligent, until last bench students don’t participate in the competition…
(Dr. A.P.J. Kalam)
इंसान को कभी भी घमंड़ नहीं करना चाहिये, क्योंकि शतरंज की बाजी खत्म होने के बाद राजा और मोहरे एक ही ड़िब्बे में रख दिये जाते हैं ।
(श्री दीपक जैसवाल – ग्वालियर)
छाता बारिश को तो नहीं रोक सकता, परन्तु बारिश में खड़े होने का हौसला अवश्य देता है ।
इसी प्रकार आत्मविश्वास सफलता की गारंटी तो नहीं देता, परन्तु सफलता के लिये संघर्ष करने की प्रेरणा अवश्य देता है ।
Faith is the strength by which a shattered world shall emerge in to the light.
Helen Keller
जीवन में ऊँचे उठते समय,
लोगों से सद्व्यवहार रखें
क्योंकि
यदि कभी आपको नीचे आना
पड़ा तो सामना इन्हीं लोगों से होगा ।
हर ख़ुशी है लोगों के दामन में,
पर एक हंसी के लिये वक़्त नहीं |
सारे रिश्तों को तो हम मार चुके,
अब उन्हें दफ़नाने का भी वक़्त नहीं |
सारे नाम मोबाइल में हैं,
पर दोस्ती के लिये वक़्त नहीं |
आखों में है नींद भरी,
पर सोने का वक़्त नहीं |
पैसों की दौड़ में ऐसे दौड़े,
कि थकने का भी वक़्त नहीं |
तू ही बता ऐ ज़िन्दगी,
इस ज़िन्दगी का क्या होगा |
कि हर पल मरने वालों को,
जीने के लिये भी वक़्त नहीं |
Speak in such a way that others love to listen to us.
and
Listen in such a way that others love to speak to us .
(Dr. S.M. Jain)
धर्म का सहारा लेकर हम मृत्यु से तो नहीं बच सकते,
हाँ ! मृत्यु के भय से जरूर बच सकते हैं ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
भक्ति के चार सोपान हैं ।
- अनुराग
- स्मरण
- चिंतवन
- प्रयत्न
श्री रत्नत्रय – 3
Two great days in human life :
The day we were born and the day we prove why we are born.
(Mr. Deepak Jaiswal – Gwalior)
Do you agree that we have 26 alphabets in English, as given below
A = 1 ; B = 2 ; C = 3 ; D = 4 ;
E = 5 ; F = 6 ; G = 7 ; H = 8 ;
I = 9 ; J = 10 ; K = 11 ; L = 12 ;
M = 13 ; N = 14 ; O = 15 ; P = 16 ;
Q = 17 ; R = 18 ; S = 19 ; T = 20 ;
U = 21 ; V = 22 ; W = 23 ; X =24 ;
Y = 25 ; Z = 26.
With each alphabet getting a number, in chronological order, as above, study the following, and bring down the total to a single digit and see the result yourself
Hindu –
S h r e e K r i s h n a
19+8+18+5+5+11+18+9+19+8+14+1=135=9
Muslim –
M o h a m m e d
13+15+8+1+13+13+5+4=72=9
Jain –
M a h a v i r
13+1+8+1+22+9+18=72=9
Sikh –
G u r u N a n a k
7+21+18+21+14+1+14+1+11 =108 =9
Parsi –
Z a r a t h u s t r a
26+1+18+1+20+8+21+19+20+18+1=153=9
Buddhist –
G a u t a m
7+1+21+20+1+13=63=9
Christian –
E s a M e s s i a h
5+19+1+13+5+19+19+9+1+8=99=18=9
Each one ends with number 9
THAT IS NATURE’S CREATION TO SHOW THAT GOD IS ONE !!!
(Ms. Namita – Surat)
अहिंसा में विश्वास रखने वाले,उनपर दया भाव रक्खें/उनके लिये प्रार्थना करें जिनकी हिंसा हो रही है,
उन पर विशेष जो हिंसा कर रहे हैं ।
चिंतन
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