Heart is the only machine that works without any rest for years…
Always keep it “Happy” , whether it is your’s or other’s.

(Mr. Ravikant)

संसार के हर खेल और कार्य में कुछ नियम/बंधन होते हैं,
बंधन के बिना जीवन चलता नहीं है ।
अपने को बंधन में रखना उत्तम है,
दूसरों को रखना या दूसरों का बंधन मानना गुलामी/मोह है ।
या तो हम इंद्रियों और मन को बांध कर रखें या उनके बंधन में रह कर उनके गुलाम बन जायें ।

मुनि श्री कुन्थुसागर जी

उत्तर दिशा में पवित्र कैलाश पर्वत है ।
उस दिशा में पर्वत को स्मरण करके हम नमस्कार करते हैं ।

क्या उस दिशा में अपवित्र क्षेत्र नहीं हैं ?
हैं, पर हमारी दृष्टि पवित्रता की ओर रहती हैं ।

चिंतन

हमें वो चार लोग आज तक नहीं मिले ?
जिनको मेरी Personal Life में इतना Interest है कि घरवाले हमेशा बोलते हैं….
चार लोग देखेंगे तो लोग क्या कहेंगे ।

(धर्मेंद्र)

बच्चों के हाथ से ज़हर हटा दिया तो क्या उनको मरण से आजाद कर दिया ?
यदि ज़हर की जगह हथेली पर स्मैक रख दिया तो क्या बच्चे मरण से स्वतंत्र हो गये ?
नहीं अब तो घुट घुट कर मरेंगे ।

मुनि श्री मंगलानंद जी

विदेशियों से तो आजादी मिल गई, स्वदेशियों* से कब मिलेगी ?

  1. *अपने लोग जो भ्रष्टाचार रूपी स्मैक खाने का प्रचलन बढ़ा रहे हैं ।
  2. *अपने लोग जो मोह रूपी स्मैक खा/खिला रहे हैं ।

हिटलर ने थोड़े समय ड़राया, सालों राज्य किया ।
हम भी यदि ग्रहों/रागी देवी देवताओं से ड़र गये तो ज़िंदगी भर वे हम पर राज्य करते रहेंगे,
हो सकता है जन्मजमांतरों तक ।

ब्र. नीलेश भैया

आचार्य श्री विद्यासागर जी को उनके गुरू आचार्य श्री ज्ञानसागर जी जब 22 साल की उम्र में दिगम्बर मुनि बना रहे थे तब समाज वाले उनके पास समझाने पहुँचे कि इतनी कम उम्र में दीक्षा न लें ।
आचार्य श्री – वैराग्य तो अंतरंग प्रक्रिया है जो हो चुकी है, अब तो बाह्य औपचारिकता रह गयीं हैं ।

Archives

Archives
Recent Comments

April 8, 2022

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930