अरुचि द्वेष है,
रुचि ना होना वीतरागता ।

केटली में पानी जग से भरते हैं, पर निकलता टोंटी में से है, धीरे धीरे देर तक ।

(कर्मफल तो एक साथ बंधता है, पर फलित देर तक होता है ।)

आचार्य श्री विद्यासागर जी

सूर्य को सबसे ज्यादा महत्व वे लोग देते हैं, जो सूर्य के निकलने पर ही खाना पीना शुरू करते हैं और अस्त होने पर बंद कर देते हैं ।

मुनि श्री सुधासागर जी

उपवास करने से मौलिक तत्व बाहर आने लगते हैं ।
ना कर पाओ तो जलोपवास कर सकते हैं ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

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April 8, 2022

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